Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
महिला पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ कà¥à¤¯à¤¾ है?
महिला पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों के बाहरी à¤à¤¾à¤— को योनी कहा जाता है , जिसका अरà¥à¤¥ है ढकना। पैरों के बीच सà¥à¤¥à¤¿à¤¤, योनी योनि और शरीर के अंदर अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों के उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ को कवर करती है।
योनि के उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ के ठीक ऊपर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ मांसल कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को मॉनà¥à¤¸ पà¥à¤¯à¥‚बिस कहा जाता है। योनि के उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ के चारों ओर लेबिया (जिसका अरà¥à¤¥ है होंठ) कहा जाता है, तà¥à¤µà¤šà¤¾ के दो जोड़े फà¥à¤²à¥ˆà¤ª होते हैं। à¤à¤—शेफ , à¤à¤• छोटा संवेदी अंग, योनी के सामने की ओर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होता है जहां लेबिया की परतें जà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¥€ हैं। लेबिया के बीच में मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— (मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ से पेशाब को शरीर के बाहर तक ले जाने वाली नहर) और योनि के दà¥à¤µà¤¾à¤° होते हैं। जब लड़कियां यौन रूप से परिपकà¥à¤µ हो जाती हैं, तो बाहरी लेबिया और मॉनà¥à¤¸ पà¥à¤¯à¥‚बिस पà¥à¤¯à¥‚बिक बालों से ढक जाते हैं।
à¤à¤• महिला के आंतरिक पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंग योनि, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯, फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब और अंडाशय होते हैं।
योनि à¤à¤• पेशीय, खोखली नली होती है जो योनि के उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ तक फैली होती है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें पेशीय दीवारें होती हैं, योनि का विसà¥à¤¤à¤¾à¤° और संकà¥à¤šà¤¨ हो सकता है। चौड़ी या संकरी होने की यह कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ योनि को टैमà¥à¤ªà¥‹à¤¨ की तरह पतली और बचà¥à¤šà¥‡ की तरह चौड़ी होने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ देती है। योनि की पेशीय दीवारें शà¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤¾ à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से पंकà¥à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§ होती हैं, जो इसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और नम रखती हैं।
योनि तीन उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯à¥‹à¤‚ को पूरा करती है:
यह वह जगह है जहाठसंà¤à¥‹à¤— के दौरान लिंग डाला जाता है।
यह वह मारà¥à¤— है (जनà¥à¤® नहर) जिसके माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान à¤à¤• महिला के शरीर को छोड़ देता है।
यह वह मारà¥à¤— है जिसके माधà¥à¤¯à¤® से मासिक धरà¥à¤® के दौरान रकà¥à¤¤ शरीर से निकल जाता है ।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ जैसे ऊतक का à¤à¤• बहà¥à¤¤ पतला टà¥à¤•ड़ा जिसे हाइमन कहा जाता है , योनि के उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ को आंशिक रूप से ढकता है। हाइमन अकà¥à¤¸à¤° महिला से महिला में à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होते हैं। अधिकांश महिलाओं को पता चलता है कि उनके पहले यौन अनà¥à¤à¤µ के बाद उनके हाइमन खिंच गठहैं या फट गठहैं, और हाइमन से थोड़ा खून बह सकता है (यह आमतौर पर थोड़ा, यदि कोई हो, दरà¥à¤¦ होता है)। हालांकि, कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सेकà¥à¤¸ किया है, उनके हाइमनà¥à¤¸ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बदलाव नहीं आया है। और कà¥à¤› महिलाओं के हाइमन सेकà¥à¤¸ करने से पहले ही खिंच चà¥à¤•े होते हैं।
योनि गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ , या गरà¥à¤ से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ (जिसका अरà¥à¤¥ है गरà¥à¤¦à¤¨) पर जà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¥€ है । गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ में मजबूत, मोटी दीवारें होती हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ का उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ बहà¥à¤¤ छोटा होता है (सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰ से अधिक चौड़ा नहीं), यही कारण है कि à¤à¤• टैमà¥à¤ªà¥‹à¤¨ कà¤à¥€ à¤à¥€ à¤à¤• लड़की के शरीर के अंदर नहीं खो सकता है। बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के दौरान, बचà¥à¤šà¥‡ को पास करने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ देने के लिठगरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ का विसà¥à¤¤à¤¾à¤° हो सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ à¤à¤• उलà¥à¤Ÿà¤¾ नाशपाती के आकार का होता है, जिसमें मोटी परत और मांसपेशियों की दीवारें होती हैं - वासà¥à¤¤à¤µ में, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में महिला शरीर की कà¥à¤› सबसे मजबूत मांसपेशियां होती हैं। ये मांसपेशियां बढ़ते à¤à¥à¤°à¥‚ण को समायोजित करने के लिठविसà¥à¤¤à¤¾à¤° और अनà¥à¤¬à¤‚ध करने में सकà¥à¤·à¤® होती हैं और फिर पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ को बाहर निकालने में मदद करती हैं। जब à¤à¤• महिला गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ नहीं होती है, तो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ केवल 3 इंच (7.5 सेंटीमीटर) लंबा और 2 इंच (5 सेंटीमीटर) चौड़ा होता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के ऊपरी कोनों पर, फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को अंडाशय से जोड़ती है। अंडाशय दो अंडाकार आकार के अंग होते हैं जो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के ऊपरी दाà¤à¤‚ और बाà¤à¤‚ होते हैं। वे ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन (à¤à¤µ-यू-ले-शà¥à¤¨) नामक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में अंडे का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨, à¤à¤‚डारण और फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में छोड़ते हैं।
दो फैलोपियन (फà¥à¤¹-लो-पी-अन) टà¥à¤¯à¥‚ब होते हैं, पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के à¤à¤• तरफ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ होती हैं। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब के à¤à¥€à¤¤à¤° à¤à¤• छोटा मारà¥à¤— होता है जो सिलाई सà¥à¤ˆ से अधिक चौड़ा नहीं होता है। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब के दूसरे छोर पर à¤à¤• à¤à¤¾à¤²à¤°à¤¦à¤¾à¤° कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° होता है जो फ़नल जैसा दिखता है। यह à¤à¤¾à¤²à¤°à¤¦à¤¾à¤° कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° अंडाशय के चारों ओर लपेटता है लेकिन पूरी तरह से इससे नहीं जà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¤¾ है। जब à¤à¤• अंडा अंडाशय से बाहर निकलता है, तो वह फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करता है। à¤à¤• बार जब अंडा फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में होता है, तो टà¥à¤¯à¥‚ब की परत में छोटे बाल इसे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की ओर संकीरà¥à¤£ मारà¥à¤— से नीचे धकेलने में मदद करते हैं।
अंडाशय (OH-vuh-reez) à¤à¥€ अंतःसà¥à¤°à¤¾à¤µà¥€ तंतà¥à¤° का हिसà¥à¤¸à¤¾ हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ (ESS-truh-jun) और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ (pro-JESS-tuh-rone) जैसे महिला सेकà¥à¤¸ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करते हैं।
महिला पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ कैसे काम करती है?
महिला पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ à¤à¤• महिला को सकà¥à¤·à¤® बनाती है:
अंडे का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ (ओवा)
संà¤à¥‹à¤— करें
à¤à¤• निषेचित अंडे की रकà¥à¤·à¤¾ और पोषण तब तक करें जब तक कि वह पूरी तरह से विकसित न हो जाà¤
जनà¥à¤® देना
यौन पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ गोनाड नामक यौन अंगों के बिना नहीं हो सकता था । जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग गोनाड को पà¥à¤°à¥à¤· अंडकोष मानते हैं। लेकिन दोनों लिंगों में गोनाड होते हैं: मादाओं में गोनाड अंडाशय होते हैं, जो मादा यà¥à¤—à¥à¤®à¤• (अंडे) बनाते हैं। नर गोनाड नर यà¥à¤—à¥à¤®à¤• (शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥) बनाते हैं।
जब à¤à¤• बचà¥à¤šà¥€ का जनà¥à¤® होता है, तो उसके अंडाशय में सैकड़ों हजारों अंडे होते हैं, जो यौवन शà¥à¤°à¥‚ होने तक निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯ रहते हैं। यौवन पर, पिटà¥à¤¯à¥‚टरी गà¥à¤°à¤‚थि ( मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के मधà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤— में ) हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बनाना शà¥à¤°à¥‚ कर देती है जो अंडाशय को à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ सहित महिला सेकà¥à¤¸ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बनाने के लिठउतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ करती है। इन हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚ के सà¥à¤°à¤¾à¤µ के कारण à¤à¤• लड़की à¤à¤• यौन परिपकà¥à¤µ महिला के रूप में विकसित होती है।
यौवन के अंत में, लड़कियां मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° नामक मासिक अवधि के हिसà¥à¤¸à¥‡ के रूप में अंडे छोड़ना शà¥à¤°à¥‚ कर देती हैं। महीने में लगà¤à¤— à¤à¤• बार, ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन के दौरान, à¤à¤• अंडाशय à¤à¤• छोटे से अंडे को फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में से à¤à¤• में à¤à¥‡à¤œà¤¤à¤¾ है।
जब तक अंडे को शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निषेचित नहीं किया जाता है, जबकि फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में, अंडा लगà¤à¤— 2 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के माधà¥à¤¯à¤® से शरीर छोड़ देता है - यह मासिक धरà¥à¤® है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की अंदरूनी परत से रकà¥à¤¤ और ऊतक मिलकर मासिक धरà¥à¤® पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बनाते हैं, जो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लड़कियों में 3 से 5 दिनों तक रहता है। à¤à¤• लड़की की पहली अवधि को मेनारà¥à¤šà¥‡ (à¤à¤®à¤ˆà¤à¤š-नार-की) कहा जाता है।
महिलाओं और लड़कियों को उनके पीरियडà¥à¤¸ के दिनों में कà¥à¤› परेशानी होना आम बात है। पà¥à¤°à¥€à¤®à¥‡à¤‚सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤…ल सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (PMS) में शारीरिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• दोनों तरह के लकà¥à¤·à¤£ शामिल होते हैं, जो कई लड़कियों और महिलाओं को उनके पीरियडà¥à¤¸ से ठीक पहले हो जाते हैं, जैसे:
मà¥à¤‚हासा
सूजन
थकान
होने वाला पीठदरà¥à¤¦
सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦
सिर दरà¥à¤¦
कबà¥à¤œ
दसà¥à¤¤
à¤à¥‹à¤œà¤¨ की इचà¥à¤›à¤¾
डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨
चिड़चिड़ापन
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने या तनाव से निपटने में परेशानी
पीà¤à¤®à¤à¤¸ आमतौर पर à¤à¤• लड़की की अवधि शà¥à¤°à¥‚ होने से पहले 7 दिनों के दौरान सबसे खराब सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में होता है और शà¥à¤°à¥‚ होने के बाद गायब हो जाता है।
कई लड़कियों को मासिक धरà¥à¤® के पहले कà¥à¤› दिनों के दौरान पेट में à¤à¤‚ठन à¤à¥€ होती है, जो शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¤¾à¤—à¥à¤²à¥ˆà¤‚डीन, रसायनों के कारण होता है जो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अनà¥à¤¬à¤‚ध में चिकनी मांसपेशियों को बनाते हैं। ये अनैचà¥à¤›à¤¿à¤• संकà¥à¤šà¤¨ सà¥à¤¸à¥à¤¤ या तेज और तीवà¥à¤° हो सकते हैं।
à¤à¤• लड़की के शरीर को à¤à¤• नियमित मासिक धरà¥à¤® विकसित होने में मेनारà¥à¤šà¥‡ से 2 साल तक का समय लग सकता है। उस समय के दौरान, उसका शरीर यौवन दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लाठजाने वाले हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के साथ तालमेल बिठा रहा होता है। औसतन, à¤à¤• वयसà¥à¤• महिला का मासिक चकà¥à¤° 28 दिनों का होता है, लेकिन यह सीमा 23 से 35 दिनों तक होती है।
कà¥à¤¯à¤¾ होता है अगर à¤à¤• अंडे को निषेचित किया जाता है?
यदि महिला और पà¥à¤°à¥à¤· महिला के ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन के कई दिनों के à¤à¥€à¤¤à¤° सेकà¥à¤¸ करते हैं, तो निषेचन हो सकता है। जब पà¥à¤°à¥à¤· सà¥à¤–लन करता है (जब वीरà¥à¤¯ लिंग छोड़ देता है), वीरà¥à¤¯ की थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ योनि में जमा हो जाती है। वीरà¥à¤¯ की इस छोटी सी मातà¥à¤°à¤¾ में लाखों शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ होते हैं, और वे योनि से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के माधà¥à¤¯à¤® से फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में अंडे से मिलने के लिठ"तैरते" हैं। अंडे को निषेचित करने के लिठकेवल à¤à¤• शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अंडे को निषेचित करने के लगà¤à¤— 5 से 6 दिनों के बाद, निषेचित अंडा (जाइगोट) à¤à¤• बहà¥à¤•ोशिकीय बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ बन गया है। à¤à¤• बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ (बीà¤à¤²à¤à¤à¤¸-तà¥à¤¹-सिसà¥à¤Ÿ) à¤à¤• पिनहेड के आकार के बारे में है, और यह कोशिकाओं की à¤à¤• खोखली गेंद है जिसमें तरल पदारà¥à¤¥ होता है। बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ खà¥à¤¦ को गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के असà¥à¤¤à¤° में दबा देता है, जिसे à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤® कहा जाता है । हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤® (à¤à¤¨-दोह-à¤à¤®à¤ˆà¤ˆ-टà¥à¤°à¥€-उम) को गाढ़ा और रकà¥à¤¤ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होने का कारण बनता है। पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨, अंडाशय दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जारी à¤à¤• और हारà¥à¤®à¥‹à¤¨, à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤® को रकà¥à¤¤ से मोटा रखता है ताकि बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से जà¥à¤¡à¤¼ सके और उसमें से पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को अवशोषित कर सके। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को आरोपण कहा जाता है ।
जैसे ही बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ से कोशिकाà¤à¤‚ पोषण लेती हैं, विकास का दूसरा चरण शà¥à¤°à¥‚ होता है। à¤à¥à¤°à¥‚ण के चरण में, आंतरिक कोशिकाà¤à¤‚ à¤à¤• चपटी गोलाकार आकृति बनाती हैं जिसे à¤à¥à¤°à¥‚ण डिसà¥à¤• कहा जाता है, जो à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ में विकसित होगी। बाहरी कोशिकाà¤à¤‚ पतली à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ बन जाती हैं जो बचà¥à¤šà¥‡ के चारों ओर बनती हैं। कोशिकाà¤à¤‚ हजारों बार गà¥à¤£à¤¾ करती हैं और अंततः à¤à¥à¤°à¥‚ण (ईà¤à¤®-बà¥à¤°à¥€-ओह) बनने के लिठनई सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में चली जाती हैं।
लगà¤à¤— 8 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद, à¤à¥à¤°à¥‚ण à¤à¤• रासà¥à¤ªà¤¬à¥‡à¤°à¥€ के आकार के बारे में है, लेकिन इसके लगà¤à¤— सà¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ - मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाà¤à¤‚, हृदय और रकà¥à¤¤, पेट और आंतें, और मांसपेशियां और तà¥à¤µà¤šà¤¾ - बन गठहैं।
à¤à¥à¤°à¥‚ण के चरण के दौरान, जो निषेचन के 9 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद से जनà¥à¤® तक रहता है, विकास जारी रहता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कोशिकाà¤à¤‚ गà¥à¤£à¤¾ करती हैं, चलती हैं और बदलती हैं। à¤à¥à¤°à¥‚ण (FEE-tis) à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• थैली के अंदर à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• (am-nee-AH-tik) दà¥à¤°à¤µ में तैरता है । यह पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा (पà¥à¤²à¥à¤¹-सेन-तà¥à¤¹) के माधà¥à¤¯à¤® से मां के रकà¥à¤¤ से ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ और पोषण पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करता है। यह डिसà¥à¤• जैसी संरचना गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की आंतरिक परत से चिपक जाती है और गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² (um-BIL-ih-kul) के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¥à¤°à¥‚ण से जà¥à¤¡à¤¼ जाती है । à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ और à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ à¤à¥à¤°à¥‚ण को मां के शरीर में धकà¥à¤•ों और à¤à¤Ÿà¤•े से बचाते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ औसतन 280 दिनों तक चलती है - लगà¤à¤— 9 महीने । जब बचà¥à¤šà¤¾ जनà¥à¤® के लिठतैयार होता है, तो उसका सिर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ पर दबाव डालता है, जो आराम करना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है और बचà¥à¤šà¥‡ को योनि में और उसके माधà¥à¤¯à¤® से जाने के लिठतैयार होने के लिठचौड़ा होता है। बलगम ने गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ में à¤à¤• पà¥à¤²à¤— बना लिया है, जो अब ढीला हो गया है। जब मां का पानी टूटता है तो यह और à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ योनि से बाहर निकलता है।
जब शà¥à¤°à¤® के संकà¥à¤šà¤¨ शà¥à¤°à¥‚ होते हैं, तो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दीवारें सिकà¥à¤¡à¤¼ जाती हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे पिटà¥à¤¯à¥‚टरी हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¨ (आह-सी-टीओई-सिन) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ होती हैं। संकà¥à¤šà¤¨ के कारण गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ चौड़ा हो जाता है और खà¥à¤²à¤¨à¥‡ लगता है। इस चौड़ीकरण के कई घंटों के बाद, बचà¥à¤šà¥‡ के आने के लिठगरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ रूप से चौड़ा (खोला) जाता है। बचà¥à¤šà¥‡ को गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से, और जनà¥à¤® नहर के साथ बाहर धकेल दिया जाता है। बचà¥à¤šà¥‡ का सिर आमतौर पर सबसे पहले आता है। गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² बचà¥à¤šà¥‡ के साथ बाहर आती है। बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के बाद इसे नाà¤à¤¿ के करीब दबा दिया जाता है और काट दिया जाता है।
जनà¥à¤® पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के अंतिम चरण में पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा का वितरण शामिल होता है, जिसे उस समय पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° कहा जाता है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की आंतरिक परत से अलग होने के बाद, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के संकà¥à¤šà¤¨ इसे अपनी à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के साथ बाहर धकेलते हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |